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चिल्ड्रन एकेडमी के बच्चों ने किया बड़े कवियों को फेल

बाल कवि सम्मेलन में अभिनव पंत, सागर उप्रेती, शुभ दुम्का, गायत्री जोशी, भूमिका जोशी, उज्ज्वल दुम्का, हर्षित नैनवाल आए प्रथम हल्द्वानी। हरफनमौला साहित्यिक संस्था की ओर से हल्दूचौड़ स्थित चिल्ड्रन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने स्वरचित कविताएं सुनाकर ऐसा समा बांधा कि बड़े कवि […]

दून कान्वेंट स्कूल में सजी बाल कवियों की महफिल

-गायत्री, राशि, मेघा, अमन, रवि, निकिता का विराट बाल कवि सम्मेलन के लिए चयन हल्द्वानी । बरेली रोड स्थित दून कान्वेंट स्कूल में हरफनमौला साहित्यिक संस्था की ओर से स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कक्षा 3 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी कविताएं सुनाईं। कविताएं डिजिटल भारत, मच्छर, गणित, विज्ञान आदि […]

अनुकृति, योगिता, रिद्धि, काम्या, निहारिका, महिमा, आराध्या ने मन मोहा

आनंदा एकेडमी में बाल कवि सम्मेलन का आयोजन हल्द्वानी। हरफनमौला साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में आनंदा एकेडमी स्कूल में बाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 5 से कक्षा 8 तक के बच्चों ने विभिन्न विषयों पर स्वरचित कविताएं सुनाईं। बच्चों ने दोस्ती, मेरी मां, इक्जाम की टेंशन, […]

यश्विनी, सृष्टिप्रिया, चेतना, इप्शित, विश्रुत, प्रथा ने जीता दिल

दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में कवि सम्मेलन का आयोजन हल्द्वानी। दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रख्यात हास्य कवि गौरव त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि युवा कवि ईशान पथिक की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने समाज, मॉनीटर, टीचर, विषयों का चुनाव, आजादी, गृहकार्य, मुफ्त की रेवड़ियां, अंधविश्वास जैस विभिन्न विषयों पर स्वरचित कविताएं सुनाईं। […]

पास आकर भी बातें अब होती कहां

-कमल सिंह, हल्द्वानी अल्फाजों में बातें तुम करती कहां, इशारों की भाषा मुझको आती कहां। निहार लेता हूं तुमको अब यूं ही दूर से पास आकर भी बातें अब होती कहां। सपनों में तो खरीद लाया था सेहरा भी मैं, मगर सपने मुक्ममल हो जाएं ऐसा होता कहां। उसके पापा को तो चाहिए था सरकारी […]

आँसु, तूने दिये, मैं दुआ देता हूँ

-हिमांशु पाठक, हल्द्वानी उत्तराखंड आँसु, तूने दिये, मैं दुआ देता हूँ, खुश रहें तू सदा, ये दुआ देता हूँ ।। आँखों से, तेरे आँसु कभी ना बहे; तू! जहाँ भी रहे, बस सदा खुश रहें, मैं यही प्रार्थना, ईश से करता हूँ।। तूने दर्द दियें, मैं दुआ देता हूँ, तेरे आँसु को में, मैं अपना […]

उसने कैसे पाले बच्चे

-बीना फूलेरा, हल्द्वानी उसने कैसे पाले बच्चे ये मत पूछो उससे वो रो पड़ेगी फ़ूटकर खिड़की के दरवाजे से बाधे गए उस बच्चें के पैर बता देगी साड़ी में पड़ी गाठें वो बंद दरवाजे गवाही दे देंगे जिन्हें पीटा गया नन्हें हाथों से दीवारों से पूछों सुनाई देंगी अनगिनत अनसुनी आवाजें जो लगाई उस बच्चें […]

गणतंत्रता

-कोमल भट्ट महज़ किरदार ही क्यों.., खुद में एक कहानी बनो हिंदू–मुस्लिम तो ठीक है, पर पहले एक हिंदुस्तानी बनो!! स्वतंत्रता के बाद भी ये सिलसिला न खत्म हुआ, लड़ते रहे आपस में और दी देश को ब-दुआ | आज़ादी के बाद फिर सोचा संविधान लाना होगा, हिंदू-मुस्लिमों को पहले हिंदुस्तानी बनाना होगा | तभी […]

सर्दी का मौसम

-प्रियदर्शनी खोलिया, हल्द्वानी सर्दी का है मौसम आया, आसमान में कोहरा छाया। कहीं पड़ेंगे ओले, तो कहीं पड़ेगी बरफ, पर यह ठंड तो छा गई हर तरफ। सब के गर्म कपड़े जैसे स्वेटर और जैकेट निकल जाते हैं, बाजारों में गुड़ मूंगफली और सेब केले ही आते हैं। बच्चों के स्कूल हो जाते हैं बंद, […]

हाए कलियुग!

– हंसिका रौतेला सामने पहाड़ खड़ा है? काट दो इसे। यहां नदी बहती है? इस पर हम बांध बनाएंगे। यह जो घना जंगल है, कितना पुरातन! हम आधुनिकता के पुजारी हैं, हम यहां सड़कें बनाएंगे। जानवर था, मार दिया। जानवर है, कम विकसित है। खतरनाक है! वह सही ग़लत की समझ नहीं रखता। एसलिए मार […]