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बेटियाँ

-मेघा भट्ट, कक्षा – 9 दून कान्वेंट स्कूल, हल्द्वानी हर घर की शान होती हैं, बेटियाँ हर आँगन की मान होती हैं,बेटियाँ। जब भी किसी घर मे जन्म लेती हैं, बेटियाँ उस घर की लक्ष्मी मानी जाती हैं, बेटियाँ। घर की सुंदरता को बढ़ाती हैं, बेटियाँ सब का आदर ,सम्मान करती हैं बेटियाँ । लक्ष्मी, […]

पहाड़

-अक्षिता बिष्ट, कक्षा-9, दून कान्वेंट स्कूल, हल्द्वानी हरि – भरि हरियाली या कि शान छू यो मेयर पहाड़ों की रंगीली या तितली घूमें, पहाड़ बैटी फूल तकी रेशमी – रूमाल जैसी धान लागी खेती बटी खलियानों तकी उजियारी धूप याकी चमकें रये हीरे जैसी सबुवैती अलग छ मेरो यो पहाड़ उत्तराखंड की नन्दा देवी,पूर्णागिरी धामा […]

हंसकर पैदा होती है वो

-हर्षित जोशी, हल्द्वानी हंसकर पैदा होती है वो, पर जिंदगी भर रोते ही रह जाती है वो, समझ कर सर का भार बियाही जाती है वो । अपनो की खातिर खुद के अरमानों का कत्ल कर लेती है वो , हंसकर पैदा होती है वो, पर जिंदगी भर रोते ही रह जाती है वो ।।1।। […]

अक्स की धुंध

-बीना फूलेरा ” विदुषी”, हल्द्वानी “लो अपना बस्ता पकड़ो बेटा और सीधे स्कूल जाओ “। माँ ने सिम्मी से कहाँ । “नही माँ मुझे डर लगता हैं .तुम भी आओ ना मेरे साथ” ..। माँ के पल्लू से आँसू पोछती सहमी सिम्मी माँ से बोली । तभी सिम्मी की माँ हेमा झुंझला कर बोली .”.तुम्हारा […]

अरे ! नव युवक ….

– बीना फूलेरा “विदुषी’, हल्द्वानी अरे ! नव युवक तू सो रहा है? जगी अलसाई रात , भोर की पलक खुली बही सुगंधित मलय समीर मचल उठी कोमल गात कली। जो हुआ नही कभी वो हो रहा है अरे ! नव युवक तू सो रहा है? स्पंदित हुई लघु सरिता सागर की छलक उठी किरणें […]

शशी जोशी बनीं साहित्यकार ऑफ द मंथ

हरफनमौला वेबसाइट की नवंबर माह की प्रतियोगिता में रहीं विजयी हल्द्वानी। हरफनमौला वेबसाइट की ओर से नवंबर में आयोजित मासिक काव्य प्रतियोगिता में शशी जोशी की कविता ‘दून कॉन्वेंट के प्यारे बच्चे’ को 500 से अधिक व्यूज मिले हैं। इस उपलक्ष्य में संस्था की ओर से उन्हें डिजिटल सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। हरफनमौला साहित्यिक […]

भारत का गौरवशाली इतिहास

– हर्षिता जोशी, हल्द्वानी आज हमने इतिहास के पन्नों को पलटाया है भारत का अतीत इन आँखों को दिखाया है खिसक गई पैरों से धरती आकाश ने हुंकार भरी पलट गई धरती सारी देह में नई चेतना जागी रोम-रोम प्रफुल्लित हुआ जब आर्यावर्त का अघोर अतीत सामने आया उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूरब से […]

क्यों बचपन गुमशुदा है

-कविता अग्निहोत्री, रूद्रपुर क्यों बचपन गुमशुदा है, कुछ मासूमों को सर्दी में दिन की चिंता है। और गर्मी में हवा की, वो चोट खाकर भी जी लेंगे, पर कमी है दवा की। माथे पर रेखा दिख रही चिंता की, क्यों बचकानी हरकतें जुदा हैं। इतनी भी उम्र नहीं हुई, बस बचपन गुमशुदा है। उड़ती चिड़िया […]

शब्दोत्सव में बही शब्दों की सरिता

-सेंट लॉरेंस स्कूल एवं हरफनमौला साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शरद शब्दोत्सव का आयोजन -प्रसिद्ध हास्य कवि वेदप्रकाश अंकुर और कवयित्री डॉ. अंकिता चांदना को मिला शब्द सम्मान हल्द्वानी। सेंट लॉरेंस स्कूल एवं हरफनमौला साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को शरद शब्दोत्सव का भव्य आयोजन किया। इस दौरान हल्द्वानी और उधमसिंह नगर […]

काश हम बच्चे हो जाएं फिर से

-डॉ. अंकिता चांदना, हल्द्वानी काश हम बच्चे हो जाएं फिर से वापस मां के आंचल में छिप जाएं फिर से कभी दादी मां की कहानियां दोहराएं फिर से कभी गुड्डा गुड़िया की शादी रचाएं फिर से काश हम……………. वापस लौट मां की गोद में सो जाएं फिर से हंसी ठिठोली, दोस्तों की टोली बनाएं फिर […]