
-स्वरचित कविताओं से नन्हे कवियों ने जीती वाहवाही
खटीमा: साहित्य और कला के प्रति नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिगराबाग स्थित सरस्वती एकेडमी में एक भव्य ‘बाल कवि सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक समागम में कक्षा 7 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी काव्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और ओजस्वी वाणी ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था ‘हरफनमौला’ के अध्यक्ष एवं हास्य कवि गौरव त्रिपाठी तथा विद्यालय की चेयरपर्सन ज्योति पाल द्वारा मां शारदा के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। चेयरपर्सन ज्योति पाल ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

बाल कवि सम्मेलन के दौरान नन्हे कवियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से समाज और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को छुआ। बच्चों ने देशभक्ति के जोश से लेकर प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण की भक्ति, देवभूमि उत्तराखंड की सुंदरता, ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं और बचपन की खट्टी-मीठी यादों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। उनकी प्रस्तुति में शब्दों का चयन और भावों की गहराई देख अतिथि और शिक्षक आश्चर्यचकित रह गए।
प्रतियोगिता के परिणाम घोषित करते हुए निर्णायकों ने बच्चों के उत्साह की सराहना की। इसमें कक्षा सातवीं से पूजा व मानवी, आठवीं से प्रतीक कॉलोनी, नवीं से विनीता और दसवीं से अंशिका उपाध्याय ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
हास्य कवि गौरव त्रिपाठी ने बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें छंद, लय और शब्दों के चयन जैसी काव्य लेखन की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कविता मन के भावों को अभिव्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने बच्चों को भविष्य में और अधिक स्वरचित लेखन के लिए प्रोत्साहित किया। अंत में प्रधानाचार्य रामयश ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाई दी।
