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क्यों बचपन गुमशुदा है

-कविता अग्निहोत्री, रूद्रपुर क्यों बचपन गुमशुदा है, कुछ मासूमों को सर्दी में दिन की चिंता है। और गर्मी में हवा की, वो चोट खाकर भी जी लेंगे, पर कमी है दवा की। माथे पर रेखा दिख रही चिंता की, क्यों बचकानी हरकतें जुदा हैं। इतनी भी उम्र नहीं हुई, बस बचपन गुमशुदा है। उड़ती चिड़िया […]

शब्दोत्सव में बही शब्दों की सरिता

-सेंट लॉरेंस स्कूल एवं हरफनमौला साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शरद शब्दोत्सव का आयोजन -प्रसिद्ध हास्य कवि वेदप्रकाश अंकुर और कवयित्री डॉ. अंकिता चांदना को मिला शब्द सम्मान हल्द्वानी। सेंट लॉरेंस स्कूल एवं हरफनमौला साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को शरद शब्दोत्सव का भव्य आयोजन किया। इस दौरान हल्द्वानी और उधमसिंह नगर […]

मंजू सिजवाली मेहरा को मिला डिजिटल सर्टिफिकेट

हरफनमौला वेबसाइट की अक्टूबर माह की प्रतियोगिता में रहीं विजयी हल्द्वानी। हरफनमौला वेबसाइट की ओर से अक्टूबर में आयोजित मासिक काव्य प्रतियोगिता में मंजू सिजवाली मेहरा की कविता ‘गांधी ज्यू तुम हमन कें करिया माफ…’ को 500 व्यूज मिले हैं। इस उपलक्ष्य में संस्था की ओर से उन्हें डिजिटल सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। हरफनमौला […]

रोशनी फिर जगमग आई है

-प्रतिष्ठा पांडे अंधकार अब नष्ट हुआ रोशनी फिर जगमग आई है सुख और समृद्धि की बहार हर घर में छाई है बना कर दिए मिट्टी के गरीबों ने आस लगाई है मेरी मेहनत खरीदेंगे लोग सब ने आस सजाई है हजारों की लड़ियां लगाकर सबने शान बढ़ाई है पर गरीबों के दीयों की लो हमने […]

वे दिन भी क्या दिन थे

-प्रतिष्ठा पांडे,रूद्रपुर, उधमसिंह नगर वे दिन भी क्या दिन थे यह सोच सोच कर रोते हैं आए दिन स्कूल के सपने आते हैं जब हम सोते हैं दोस्तों के साथ मस्ती से जब हो जाती थी लड़ाई पर आजकल रगड़ कर धोनी पड़ती है कढ़ाई लंच टाइम में गोल घूम कर हम सब है जाते […]

चल तुझे

-पूजा नेगी (पाखी) चल तुझे दुनिया की रीत सीखाती हूँ। खोए हुए तुझे,तेरे वजूद से मिलाती हूँ। तू पकड़कर तो देख,दामन किसी का। छूटे हुए पीछे,अपनों के हाथ गिनाती हूँ। चल तुझे दुनिया की रीत सीखाती हूँ। मिटाकर देख खुद को,अपनों के लिए उठे हुए तुझ पर,कई सवाल गिनाती हूँ। तेरे-मेरे के द्वंद्व से,बाहर आकर […]

शक्ति का नाम ही नारी है

-कोमल भट्ट कोमल है, कमज़ोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है… जीवन जग को देने वाली , मौत भी तुझसे हारी है | माना की मर्द ने किया बहुत कुछ पर तुझसे ही तो सब कुछ पाया है, जग- जननी का रूप है तू तू ही तो भगवान का साया है| कल्याणी है […]

नारी की परिभाषा

-डॉ. अंकिता चांदना शर्मा, हल्द्वानी सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, काली भी बन जाती है मनमोहिनी, चंचला, ममता की सरिता ये बहाती है। तोड़ के जब सारे बंधन, पंख ये फैलाती है। आसमान की ऊंची बुलंदियों को ये छू जाती है। इसकी वाणी में है कतार, जिसका कोई तोड़ नहीं नारी की शक्ति को ना ललकारो, इस […]

चलते-चलते

-हर्षित काल्पनिक चलते-चलते मीत बने चलते-चलते गीत बने अल्फ़ाज थे चंद एक दिन चले और संगीत बने।। चलते-चलते… हार अनेकों मिली डगर में डंटे रहे हर एक सफर में देखा,सीखा और चले फिर चलते-चलते जीत बने।। चलते-चलते… अनजानी राहों पर हमको मिले लोग दीवाने कितने दिल ने चुना एक हमसफ़र चलते-चलते प्रीत बने।। चलते-चलते… अपमान […]

बीना सजवाण, पूजा नेगी पाखी और अमीषा रावत को मिले डिजिटल सर्टिफिकेट

हरफनमौला वेबसाइट की अक्टूबर माह की प्रतियोगिता शुरू हल्द्वानी। हरफनमौला वेबसाइट की ओर से सितंबर में आयोजित मासिक काव्य प्रतियोगिता में बीना सजवाण, पूजा नेगी पाखी और अमीषा रावत की कविताओं को 500-500 से अधिक व्यूज मिले हैं। इस उपलक्ष्य में संस्था की ओर से तीनों विजेताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया है। […]