-पूजा नेगी (पाखी) चल तुझे दुनिया की रीत सीखाती हूँ। खोए हुए तुझे,तेरे वजूद से मिलाती हूँ। तू पकड़कर तो देख,दामन किसी का। छूटे हुए पीछे,अपनों के हाथ गिनाती हूँ। चल तुझे दुनिया की रीत सीखाती हूँ। मिटाकर देख खुद को,अपनों के लिए उठे हुए तुझ पर,कई सवाल गिनाती हूँ। तेरे-मेरे के द्वंद्व से,बाहर आकर […]
