
आंख खोलते ही आपकी मुस्कान को पाया है।
जैसे जिंदगी का सफर नई रोशनी लाया है।
पहला शब्द भले ही मां आया हो
पर जिंदगी के डर का सामना आपने ही तो सिखाया है।
दिन की शुरूआत होती है आपसे
दिन बुझता है आपसे
सारी परेशानियों का हल निकालो यही तो आपने बताया है।
परछाईं बनना चाहती हूं आपकी
आपके जैसा बनना चाहती हूं।
क्योंकि मेरी जिंदगी का सवेरा आपने
ही तो उज्ज्वल बनाया है।
मैं आपकी आंखों का तारा बनना चाहती हूं।
आपकी हर खुशी का कारण बनना चाहती हूं।
धन्य! हूं मैं आपको पाकर बस आपके
दिल का टुकड़ा बनना चाहती हूं
आपका गुरूर, आपकी शान आपकी बेटी।
-वैशाली छिमवाल, श्रीसाईं सीनियर सेकेंडरी स्कूल हल्द्वानी

June 9, 2020
Very true