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मेरे मनपसंद पापा

प्यारे पापा प्यारे पापा मेरे मनपसंद पापा सबसे अच्छे सबसे प्यारे उंगली पकड़के उन्होंने चलना सिखाया दौड़ना भी उन्हीं से सीखा गुस्से में मनाते पापा मेरे प्यारे प्यारे पापा हर मुसीबत में बचाते पापा मेरा दर्द खुद सह लेते पापा मेरे सबसे अच्छे पापा। -हिमांशी बिष्ट, एक्सपोंसियल हाईस्कूल बिंदुखत्ता।