
पापा बहुत प्यारे होते हैं,
जग से बहुत न्यारे होते हैं।
सारा संसार उनमें समाया है,
उनके लिए क्या धूप है क्या छाया है।
तकलीफों का समंदर पार कर जाते हैं,
परेशानियों के तूफानों से भी लड़ जाते हैं।
कदमों में रख देते हैं मेरे, सारे संसार की खुशी
हौसलों की उड़ान भी भर जाते हैं।
उंगली पकड़कर चलना सिखाया जिसने
जिंदगी जीना सिखाया जिसने
उन श्रीचरणों में अपने आपको
समर्पित करता हूं।
पापा मैं आपको बहुत प्रेम करता हूं।
-शिवम भट्ट, हल्द्वानी
