Category: नन्ही कलम

जुर्म

-शारदा गुप्ता रिश्वत लिया मत करो, जुर्म किया मत करो। करके जुर्म जाओगे जेल, फिर करोगे कितनी भी कोशिश हर अच्छे काम में होगे फेल। जुर्म क्या तुमने एक, आरोप लगेंगे अनेक। गर लग गई जुर्म की आदत। बुरे काम से कर न पाओगे खुद की हिफाजत। हासिल होगा ना कुछ जुर्म से, स्वर्ग नसीब […]

उन पर्वतों से मैंने पूछा

– हिमांशु नेगी उन पर्वतों से मैंने पूछा यह लाल क्यों है तुम्हारी भूमि क्यो ये नीर बह रही लहू से , क्यों यह गगन रूठा है मुझसे । रूठने की वजह बेशक व कारगिल है जहां पग बड़े उन अनजान के, जो हथियाने आए थे ताज हिंदुस्तान के भगाया उनको ज्ञान से हथियार से […]